प्रदर्शन के दौरान किसानों ने भारतीय किसान संघ जिंदाबाद, भारत माता की जय, जय श्रीकृष्ण, जय बलराम और हमारी मांगें पूरी करो आदि के नारे लगाए। पत्रक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि छह हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये वार्षिक करने, रबी की खेती को देखते हुए डीएपी व यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने, पराली जलाने वाले किसानों को दंडित न करने, चकबंदी कार्य में पारदर्शिता लाने तथा आयुष्मान कार्ड युद्धस्तर पर बनाने की मांग की गई। इसके साथ ही गांवों में किसानों के खेतों का अंश निर्धारण एवं खतौनी में नाम सुधार के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाने, फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण न करने और किसानों से संबंधित कानूनों में आवश्यक सुधार करने की मांग रखी गई।
किसानों ने सभी विद्युत स्टेशनों पर किसान फीडर लगाने, कृषि मंडियों को किसानों के हित में सक्रिय करने, टूटी नहरों एवं सिंचाई सुविधाओं की मरम्मत कर हेड से टेल तक पानी पहुंचाने तथा गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान कराने समेत अन्य मांगें भी उठाईं। किसान नेता राकेश सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी ने जिले से संबंधित समस्याओं का अपने स्तर से समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
प्रदर्शन में देवेंद्र सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, प्रेमलता राय, शंकर मौर्य, राम नगीना राय, रवींद्रनाथ गुप्ता, वशिष्ठ नारायण राय, अशोक कुमार गुप्ता, रामविलास साहनी, सुभाष राजभर, चंदन चौहान, संतु राम, आलोक सिंह, धूम चौहान, राम नवल सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।



Post a Comment