Top News

शब्दों के सेतु पर सजी पत्रकारिता और साहित्य की महफिल, कविताओं ने बांधा समां


शब्दों के सेतु पर सजी पत्रकारिता और साहित्य की महफिल, कविताओं ने बांधा समां

•मंत्री एके शर्मा ने पत्रकारों से किया संवाद, जनपद की समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा

•पंकज प्रखर के संयोजन कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को किया भावविभोर

करहां (मऊ) : जनपद मुख्यालयर के चंद्रा इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में रविवार को आयोजित पत्रकार मिलन समारोह एवं कवि सम्मेलन आपसी आत्मीयता, विचारों के आदान-प्रदान और साहित्यिक संवेदनाओं का यादगार संगम बन गया। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में जहां पत्रकारों ने जनपद की विभिन्न समस्याओं और पत्रकारिता से जुड़ी चुनौतियों को बेबाकी से रखा, वहीं वाराणसी, प्रयागराज और देवरिया से आए कवियों की रचनाओं ने सभागार को कभी ठहाकों तो कभी भावनाओं की गहराई से सराबोर कर दिया।

मुख्य अतिथि मंत्री एके शर्मा ने पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में अपनी बात और समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए संचार के उत्कृष्ट माध्यम उपलब्ध हैं। पत्रकार इन माध्यमों का उपयोग कर जनपद की समस्याओं को जिम्मेदार लोगों के संज्ञान में ला सकते हैं। उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की समस्याओं को बेहिचक उनके सामने रखें, उनके समाधान का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कार्य करने और उनके सचिव के रूप में रहने के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। उसी अनुभव ने उनके भीतर काम को प्राथमिकता देने की सोच विकसित की। उनका विश्वास है कि काम बोलना चाहिए, प्रचार नहीं।

मंत्री ने कहा कि आज भारत की प्रतिष्ठा देश ही नहीं, विदेशों में भी बढ़ी है। दुनिया में भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी भारत के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध अर्थव्यवस्था को सही परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत नहीं किया गया। जबकि भारत की प्राचीन समृद्धि के प्रमाण इतिहास में मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने पत्रकारों से सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया।

इसके बाद काव्य की महफिल सजी तो हास्य, व्यंग्य, गीत और संवेदनाओं के विविध रंग बिखर उठे। बनारस से आए हास्य कवि डंडा बनारसी, नजर इलाहाबादी, शंकर कैमुरी, प्रयागराज से वंदना शुक्ला, देवरिया से गुनगुन गुप्ता, वाराणसी के गीतकार पंकज तथा मऊ के पुरुषार्थ सिंह ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। युवा कवि पंकज प्रखर के सधे हुए संचालन ने कार्यक्रम को निरंतर रोचक बनाए रखा।

समारोह का समापन भी आत्मीयता और सम्मान की भावना के साथ हुआ। वरिष्ठ पत्रकार एवं कार्यक्रम के संयोजक प्रवीण राय ने उपस्थित पत्रकारों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने सभी अतिथियों, कवियों और पत्रकार साथियों के प्रति आभार जताया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक मिलन नहीं, बल्कि पत्रकारिता के सरोकारों, साहित्य की संवेदनाओं और आपसी रिश्तों की गर्माहट को एक मंच पर सहेजने वाला यादगार अवसर बन गया।




Post a Comment

Previous Post Next Post