जिले के बड़े साहित्यकार श्रीराम सिंह 'दादा' का निधन
करहाँ (मऊ) : प्रारब्ध, पुरुषार्थ, सेवा, जिम्मेदारी एवं रचनाधर्मिता के प्रख्यात हस्ताक्षर, जिले के प्रमुख साहित्यकार व मंच संचालक 71 वर्षीय श्रीराम सिंह 'अतुल' का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने आजमगढ़ जनपद के ग्लोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन से समाज के विभिन्न वर्गों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया।
बता दें कि मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के सुल्तानीपुर ग्राम निवासी श्रीराम सिंह अतुल एक सेवानिवृत्त ग्राम पंचायत सचिव थे। उन्हें बहुत ही कम उम्र में घर की जिम्मेदारी निभाने को मिली। जिम्मेदारियों के निर्वहन हेतु कठिन परिश्रम करते हुए उनकी पढ़ाई के साथ साहित्य रचना में भी रुचि बढ़ती गयी। सेवा काल के दौरान भी देश, काल और मनुष्य की विभिन्न परिस्थितियों पर उनका लेखन जारी रहा। 'फिरता मारा-मारा दिल और चलना बहुत जरूरी है' उनके प्रमुख प्रकाशित काव्य संग्रह हैं। कोरोना काल पर लिखी हुई उनकी एक बड़ी रचना बहुत प्रसिद्ध हुई थी।
वे अपने पीछे धर्मपत्नी चिंता सिंह, चार विवाहित पुत्रियों बिनीता सिंह, नीता सिंह, मनीषा सिंह बबली, सुष्मिता सिंह शिप्रा एवं एक विवाहित पुत्र मयंक शेखर सिंह उर्फ़ बिट्टू का भरा-पूरा परिवार छोड़ गये हैं। सौभाग्य से दादा की साहित्यिक विरासत उनके बड़े दामाद ब्रजेश कुमार सिंह व नातिन अथर्वा सिंह श्रुति ने बखूबी संभाल रखा है। उक्त दोनों पिता-पुत्री भी साहित्य रचना में विशेष रुचि रखते हैं।
दादा के दुखद निधन पर कुँवर सिंहः विद्यालय परिवार सुहवल के प्रबंधक उदयवीर सिंह, प्रधानाचार्य रमाकांत सिंह, प्रवक्ता रहे तारकेश्वर सिंह अजीत, चिरैयाकोट के सुप्रसिद्ध चिकित्सक व प्रबंधक डॉक्टर हृदयनारायण सिंह, जनराज्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविशंकर भारत, रानीपुर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अरुण सिंह, चिरैयाकोट नगर पंचायत अध्यक्ष रामप्रताप यादव, पूर्व ग्रामप्रधान सत्यनारायण यादव, पूर्व सेवानिवृत्त लेखाकार अरुण सिंह, कांग्रेस नेता अजय गुप्ता, कवि पंकज प्रखर व अश्क चिरैयाकोटी, ग्राम मंदिर के पुजारी ओमकार द्विवेदी, पप्पू सिंह सहित सैकड़ो लोंगो ने शोक व्यक्त किया है।






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