रामराज्य बैठे त्रैलोका, हरषित भए गए सब सोका
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील अंतर्गत सौसरवां कमालुद्दीनपुर की 80 वर्ष पुरानी रामलीला देर रात प्रभु श्रीराम के लंका विजय के बाद अयोध्या लौटते समय भरत मिलाप के प्रसंग का जीवंत मार्मिक अभिनय कर कलाकारों ने सभी को भाव-विह्वल कर दिया। चौदह वर्ष के वनवास के बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, लक्ष्मण, जानकी के आगमन पर अयोध्या वासी प्रसन्न हुये। सूचना पाकर गुरु वशिष्ठ के निर्देशन में भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ और भव्य आरती के साथ मेले सहित रामलीला का समापन हुआ। 'रामराज्य बैठे त्रैलोका। हरषित भए गए सब सोका।।'
मंच पर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न का मिलन हुआ। राम से मिलने के लिए भरत अपने रथ से कूद पड़े। भगवान श्रीराम भी भाईयों से मिलकर रोने लगते हैं। इस मार्मिक दृश्य को देख सभी की आंखें नम हो आईं। इसके बाद भगवान राम द्वारा तीनो लोकों की राजगद्दी संभालने के साथ सभी अयोध्यावासी गदगद हो गये। मंच पर भक्तों ने उनका माल्यार्पण कर भव्य आरती उतारी।
इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष बृजबिहारी सिंह, महामंत्री अशोक पांडेय, श्रीधर पांडेय, अरुण कुमार पांडेय, आशुतोष पांडेय, कृपाशंकर पांडेय, लालचंद प्रजापति, नागेंद्र सिंह, छविनाथ प्रजापति, आयुष पांडेय, सत्यम पाण्डेय,प्रदीप पाण्डेय,महेश पाण्डेय, भूपेन्द्र पाण्डेय, जगदंबा पाण्डेय आदि समेत सैकड़ों नर-नारी, बालक-बृंद व नौजवानों ने मेले सहित रामलीला का आनंद उठाया।



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