बेमौसम बारिश से गर्मी में मिली राहत, किसानों पर आफत
करहां (मऊ) : प्रदेश के कई जनपदों सहित मऊ जिले एवं मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में वृहस्पतिवार को घंटे भर तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इस बारिश ने जहाँ बढ़ती गर्मी से राहत प्रदान की है, वहीं किसानों के लिए आफत की बारिश बनकर आयी है।
जिले के सभी गांवों में तेज हवा व गरज चमक के साथ हुई घंटे भर की बारिश से किसानों पर आफत टूट पड़ी है। जहां मौसम का रुख बदलता देख किसान जल्दी से गेंहू की मड़ाई कर उसे सुरक्षित रखना चाह रहे थे, वहीं आज की अचानक बारिश से उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। गेहूं की खड़ी फसले जहां गिर गईं वहीं काटी गई फसलों सहित बोझ बांधी गयी फसलें भी भीगकर खराब हो गईं।
करहां परिक्षेत्र के करहां पलिया रोड पर शमशाबाद चट्टी सहित अनेक सड़कों, गलियों एवं बाजारों में जलजमाव हो गया। इससे आने-जाने वाले लोंगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फसलों के साथ ही पेड़, झोपडी, कच्चे मकान, आम के बौर व कच्ची अमियाँ, तार, बिजली, खंभा आदि को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ईंट भट्ठों में जहां पानी भर गया वहीं हजारों-हजार कच्ची ईंटें भीगकर खराब हो गईं।
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष व किसान नेता राकेश सिंह व देवप्रकाश राय ने कहा है कि बहुत ही तेज बेमौसम बारिश और बहुत ही तेज हवाओं वाली आंधी के कारण किसानों की भारी क्षति हुई है। खेतों में खड़ी गेहूँ की फसल और बाली पानी से भींग कर जमीन पर गिर गई है। किसानों के दरवाजे पर रखा गेंहू पानी में भींग गया और दरवाजे पर रखा भूसा तेज हवा में ऊडकर बर्बाद हो गया।
कुछ किसानों के सरसो, चना मटर भी खलिहानों में भींग गया। आम के पेडों की बौर भी तेज हवा के कारण गिर गया है। अगर देखा जाए तो अभी 60 प्रतिशत गेंहू की फसल की कटाई-मडाई नहीं हुई है। बहुत जगह किसानों के खलिहानों में तथा खेतों में गेंहू का रखा बोझा भींग गया है।
इस बेमौसम बारिश और आंधी ने बहुत से किसानों की कमर तोड़ दी है। जिन किसानों की बेमौसम बारिश से फसल की क्षतिग्रस्त हुई है उन किसानों की जिविका की चिन्ता जिला प्रशासन और सरकार को तत्काल करनी चाहिए।









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