न पटरी न फुटपाथ और न ही कोई पार्किग, कहां चले पैदल यात्री व कहां खड़े करें वाहन-?
करहां (मऊ) : स्थानीय व आसपास के बाजारों की संरचना कुछ इस प्रकार की है कि पैदल यात्रियों को भारी फजीहत उठानी पड़ रही है। करहां, लग्गूपुर, शमशाबाद, चिरैयाकोट, मुहम्मदाबाद गोहना जैसी अधिकतर ग्रामीण बाजारों व कस्बों में न पटरी बनी न फुटपाथ और न ही गाड़ी खड़ा करने की पार्किंग। आखिर एक पैदल यात्री वाहनों के लिए बनाई गई सड़क पर जान में जोखिम डालकर कबतक चले।
अपनी साइकिल व बाइक से खरीददारी करने बाजार आया व्यक्ति गाड़ी कहां खड़ा करें। जैसे ही सड़क किनारे गाड़ी खड़ा करता है तबतक पुलिस आकर चालान काट देती है। रही सही कसर फुटपाथिया दुकानदार व ठेले-खोमचे वाले पूरी कर देते हैं। इसके अलावा टेम्पो, ई-रिक्शा, जीप व बस भी सड़क पर आए दिन तिरछा खड़ा करके सवारी का इंतजार करने लगते हैं। इन सबसे अतिक्रमण व जाम की समस्या बढ़ती जा रही है।
•चिरैयाकोट बाजार में खरिहानी मोड़ से लेकर मछली मंडी तक दोनों तरफ पटरियों के किनारे ठेले खोमचे एवं छोटे दुकानदरों का कब्जा है। इसकी वजह से बाजार में पैदल चलना जान जोखिम में डालने के समान है। साथ ही प्रायः यहां जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है।
◆बृजेश सिंह, व्यवसायी अल्देमऊ•चौड़ीकरण के बावजूद करहां बाजार में प्रायः ठेले, खोमचे, सब्जी एवं आटो-ई-रिक्शा वालों का सड़क किनारे कब्जा है। इस अतिक्रमण के कारण छात्र-छात्राओं, महिला, बुजुर्गों व व्यवसायियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
◆विष्णुकांत श्रीवास्तव, व्यापार मंडल अध्यक्ष, करहां•शमशाबाद चट्टी पर सड़क को छोड़कर किनारे कोई ऐसा स्थान नहीं है, जिससे होकर पैदल राहगीर आ-जा सकें या छोटे दुकानदार अपनी दुकान लगा सकें। सड़क भी बेहद जर्जर, व खास्ताहाल है। जहां प्रायः हमेशा जलभराव व कीच़ड बना रहता है।
◆पंकज पासवान, शमशाबाद•मुहम्मदाबाद गोहना बाजार में शहीद चौरहे के आसपास सड़क पर अतिक्रमण का प्रमुख कारण छोटे दुकानदार हैं। इन्हें मना करने पर मारने पर आमादा हो जाते हैं। साथ ही शाम को बगल के शराब के ठीके के आसपास पियक्कड़ जुट जाते हैं। इससे महिलाएं व छात्राएं असहज हो जाती हैं।
◆वसीम खां, मुहम्मदाबाद गोहना







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