पिता के संघर्ष और संस्कारों ने दिलाई सफलता की राह
करहां (मऊ) : फादर्स डे के अवसर पर मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के भदीड़ गांव निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह सिसोदिया ने अपने पिता भीष्मदेव सिंह के प्रति भावनात्मक श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन को अपनी सफलता की सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
राघवेंद्र प्रताप सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनके पिता ने ग्रामीण परिवेश में रहते हुए बहुत कम उम्र में ही गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियां संभाल ली थीं। खेती-किसानी के साथ ग्राम पंचायत सचिव के रुप में छोटी सी नौकरी करते हुए उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों की शिक्षा, शादी-विवाह और अन्य आवश्यक जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि पिता ने केवल अपने परिवार तक ही सीमित न रहकर विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। समाज में उच्च आदर्श स्थापित करते हुए उन्होंने सदैव ईमानदारी, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख दी।
राघवेंद्र ने भावुक होकर कहा कि एडीओ पंचायत के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी पिता के संस्कार, मार्गदर्शन और आशीर्वाद का ही परिणाम है कि आज वह स्नातक एमएलसी गोरखपुर-अवध क्षेत्र के माननीय देवेंद्र प्रताप सिंह के विधानसभा प्रतिनिधि के रुप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं तथा साथ ही कृषि एवं अन्य व्यवसायों का संचालन भी सफलतापूर्वक कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता का त्याग, संघर्ष और स्नेह किसी भी संतान की सबसे बड़ी पूंजी होता है। फादर्स डे पर उन्होंने अपने पिता को नमन करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।


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