साधारण किसान परिवार से उठकर बच्चों को बनाया डॉक्टर, शिक्षा और संस्कार में बढ़ाया आगे
फादर्स डे विशेष कवरेज स्टोरीकरहां (मऊ) मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक क्षेत्र के शमशाबाद गांव के निवासी रामाश्रय सिंह उन प्रेरणादायी पिताओं में शामिल हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों और साधारण किसान परिवार की पृष्ठभूमि के बावजूद अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने जीवनभर संघर्ष, परिश्रम और त्याग के बल पर अपने सभी बच्चों को उच्च एवं विशेष शिक्षा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए।
उनकी पुत्री डॉ. नलिनी सिंह बताती हैं कि पिता के अथक प्रयासों और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि वह आज एमबीबीएस एवं एम.एस. (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) के रुप में समाज की सेवा कर रही हैं। वहीं उनके भाई डॉ. पंकज सिंह और नीरज सिंह भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सफलतापूर्वक चिकित्सालय का संचालन कर रहे हैं।
रामाश्रय सिंह ने अपने बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और समाजसेवा के संस्कार भी प्रदान किए। उनके इन्हीं आदर्शों और योगदान को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में उनके नाम पर आरएएफ महिला पीजी कॉलेज, शमशाबाद तथा आरएएफ मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मुहम्मदाबाद गोहना संचालित हो रहे हैं, जो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।
फादर्स डे के अवसर पर डॉ. नलिनी सिंह ने अपने पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि पिता का त्याग, संघर्ष और मार्गदर्शन ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि पिता के सपनों और संस्कारों ने ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। ऐसे पिता वास्तव में परिवार ही नहीं, पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।




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