जर्ज़र संपर्क मार्ग, टूटी पुलिया, खुली नाली से हो रही परेशानी
•अरैला ग्राम पंचायत की कमोबेश सभी बस्तियों का यही हाल
•मरम्मत की क़ई बार मांग उठाने के बावजूद कोई पुरसाहाल नहीं
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लाक के अरैला ग्राम पंचायत में प्रायः चहुओर जर्ज़र संपर्क मार्ग से ग्रामवासी परेशान हैं। इसी के साथ टूटी पुलिया, सड़कों के गड्ढे, खुली नाली से भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देवस्थानों पर समुचित प्रकाश की व्यवस्था न होने एवं गांव के विभिन्न सिवानों में नलकूप से सिंचाई हेतु पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न होने से किसान परेशान हैं। ग्रामवासियों ने उक्त सभी समस्याओं के प्रति सक्षम अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए इनके समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार अरैला, सम्मोपुर, भंवराजपुर, चकभीखा के सभी संपर्क मार्ग बेहद जर्ज़र हैं। सबसे बुरी हालत अरैला व चकभीखा मार्ग की है। इसके अलावा इन गांवों से याकूबपुर, नोहरेपुर, करपिया व बंदीकला जाने वाले संपर्क मार्ग भी बेहद क्षतिग्रस्त हैं। इनसे होकर प्रतिदिन आने जानेवाले किसान, व्यापारी, विद्यार्थी, महिलाएं, बुजुर्ग, रोगियों आदि ग्रामीणों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से भी काफी परेशानी होती है। आएदिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को इलाज आदि के लिए ले जाते समय भी विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
भंवराजपुर, अरैला, सम्मोपुर व चकभीखा में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। क़ई जगह पाइप टूटी हैं तथा नालियों पर पटिया नहीं है। कुछ जगह नाली जाम होने से बरसात के समय गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। इसकी वजह से आवागमन में परेशानी होती है।
परिषदीय विद्यालयों व देव स्थानों पर समुचित व पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था न होने से शाम-सुबह व रात में अंधेरा हो जाता है। मृतक कर्म हेतु घाट स्नान पर बैरिकेडिंग व उजाले का अभाव है। इसके अलावा भांटी अंडरपास से गांव को आने वाले रास्ते पर टूटी पुलिया की रेलिंग से भी आने-जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी होती है। शाम-सुबह व रात के अंधेरे में गिरकर घायल होने की क़ई घटनाओं को देखते हुए डर लगता है। गांव के सिवानो में कोई सरकारी नलकूप न होने, पर्याप्त नलकूप विद्युत आपूर्ति के अभाव के कारण प्रायः डीजल इंजन से सिंचाई पर किसान निर्भर हैं। इसके लिए पर्याप्त विद्युत का तार बिछाया जाना किसान हित की मांग है।
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•गांव के विभिन्न जर्ज़र संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए क़ई बार आवाज उठाई जा चुकी है। कुछ मार्ग तो पूर्वांचल एक्सप्रेससवे के निर्माण के दौरान से क्षतिग्रस्त पड़े हैं। इन्हें दैनिक जागरण सहित विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशन के बावजूद अबतक कोई मरम्मत नहीं हुई।
◆अभयदीप कुमार, अरैला•अरैला गांव के अंदर सड़क बेहद जर्ज़र है। इसकी वजह से गड्ढे बन गए हैं। आवागमन में गांव के हर वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सक्षम व जिम्मेदार विभाग द्वारा इनकी शीघ्र मरम्मत की नितांत आवश्यकता है।
◆अंबुज जायसवाल, अरैला•अरैला में सड़क किनारे की नालियों पर कुछ दूर पटिया नहीं है। इसके कारण जलनिकासी व आवागमन में दिक्कतें आ सकती हैं। भंवराजपुर में भी गांव के मुहाने पर पाइप टूटी हुई है और सड़क जर्ज़र है।
◆प्रभाकर राय, अरैला•हमारे गांव से करपिया, बंदीकला, नोहरेपुर आदि सिवानों में खेती-किसानी के लिए सरकारी नलकूप का अभाव है। निजी नलकूपों के लिए पर्याप्त विद्युत व्यवस्था नहीं है। मजबूरन किसान मंहगे डीजल पम्पिंगसेट से सिंचाई करने के लिए बाध्य है।
◆अली हसन शेख, अरैला•अरैला-चकभीखा मार्ग गड्ढों में बदल गया है। किसानों, व्यापारियों, बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों को रोजाना आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अंधेरे व बरसात में चलना दूभर हो जाता है।
◆हरेंद्र कुमार, चकभीखा•पूर्वांचल एक्सप्रेससवे के भांटी अंडरपास से अरैला संपर्क मार्ग पर पड़ने वाले नाले पर वर्षों से पुलिया की रेलिंग टूटी हुई है। अरैला, सम्मोपुर, चकभीखा, भंवराजपुर के नागरिकों का रोजाना इससे होकर आना-जाना किसी दिन जानलेवा साबित हो सकता है। इससे गिरकर क़ई लोग घायल हो चुके हैं लेकिन अबतक इसका निर्माण नहीं हुआ जो बेहद आवश्यक है।
◆जयप्रकाश यादव, सम्मोपुर•गांव के डिहवा स्थित सरकारी विद्यालय के आसपास गांव के क़ई देवस्थान हैं। यहीं मृतक कर्म के समय ग्रामीण घाट स्नान करते हैं। इसलिए यहां समुचित प्रकाश की व्यवस्था व साफ-सफाई जनहित में आवश्यक है। ताकि यहां की धार्मिक मर्यादा व विभिन्न आयोजन की सफलता बनी रहे।
◆सतीश कुमार यादव, अरैला■संबंधित अधिकारियों को भेज कर इसकी जांच कराई जाएगी। गांव में जो-जो भी कमियों मिलेंगी उसे पूरा कराया जाएगा। सड़क स्वच्छता, सुरक्षा, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सरकार की प्राथमिकता में है। इसकी कमी मिलने पर तत्काल दूर कराया जाएगा।
◆कलाधर पांडेय, खंड विकास अधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना।















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