अधर्म का नाश व धर्म की स्थापना हेतु हुआ श्रीराम का हुआ अवतरण : कौशिक महाराज
करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के तिलसवां स्थित दुर्गा मंदिर पर चल रही सप्तदिवसीय शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन चल रही श्रीराम कथा में दुर्वासा धाम से पधारे कथावाचक पंडित प्रमोद चौबे कौशिकजी महाराज ने भगवान श्रीराम के अवतरण का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और असुरी प्रवृत्तियां बढ़ीं, तब भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रुप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना की।
कथा के दौरान महाराज ने अयोध्या नगरी में छाए आनंद, राजा दशरथ के हर्ष, देवताओं की स्तुति और राम जन्म के दिव्य प्रसंग का सजीव चित्रण किया। बताया कि श्रीराम का जीवन सत्य, त्याग, मर्यादा और कर्तव्य का अनुपम आदर्श है, जिसे अपनाकर समाज में धर्म और सद्भाव की स्थापना संभव है।
बता दें कि शतचंडी महायज्ञ का आयोजन दुर्गाजी मंदिर तिलसवां में किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 8 फरवरी को कलश यात्रा के साथ हुआ, जबकि 14 फरवरी को पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ कथा का विश्राम होगा। इस अवसर पर यज्ञाचार्य हरिकेश चौबे, मुख्य यजमान व व्यवस्थापक इंद्रदेव सिंह, पंडित जेपी पांडेय, चुलबुल सिंह, सतीश कुमार सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष भक्तगण उपस्थित रहे।

Post a Comment