नदवा सराय के पास मिली प्राचीन प्रतिमा, संरक्षण की उठी मांग
करहां (मऊ) : घोसी तहसील अंतर्गत नदवा सराय बाजार के समीप स्थित ऐतिहासिक भीरा डीह कोट क्षेत्र में एक दुर्लभ प्राचीन मूर्ति मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता बढ़ गई है। यह कोट पहले से ही भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्थल के रुप में जाना जाता है। इसलिए इसके बगल के गांव में ऐसी मूर्ति मिलने से इसके संरक्षण की मांग की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कोट के बगल में ग्राम सराय गंगपाबी, भुल्लीपुर में कुछ समय पूर्व सड़क किनारे एक भीटा की मिट्टी की खुदाई के दौरान एक प्राचीन मूर्ति प्राप्त हुई थी। शनिवार 18 अप्रैल 2026 को स्थानीय निवासी संजय राजभर के साथ सोशल एक्टिविस्ट डाक्टर पंचम राजभर ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मूर्ति के अवशेषों को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह भगवान सूर्य की प्रतिमा हो सकती है, जो संभवतः 10वीं या 11वीं शताब्दी की है। लोंगो ने बताया कि यह प्रतिमा पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण लग रही है और इसके विस्तृत परीक्षण, शोध एवं अध्ययन की आवश्यकता है। साथ ही इसे सुरक्षित स्थान पर संरक्षित किए जाने की भी मांग उठ रही है ताकि इसके ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखा जा सके।
इस संबंध में डाक्टर पंचम राजभर द्वारा क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी को अवगत करा दिया गया है। विभागीय स्तर पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर प्रतिमा को संग्रहालय में सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, संस्कृति विभाग, पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन को भी लिखित सूचना भेजी जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र के आसपास मौजूद अन्य भग्नावशेषों का गहन सर्वेक्षण किया जाए, तो प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण रहस्य उजागर हो सकते हैं।


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