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टिकाऊ खेती के लिए जैव उर्वरक अपनाना जरुरी : डॉ. वी. मंगेश्वरन

टिकाऊ खेती के लिए जैव उर्वरक अपनाना जरुरी : डॉ. वी. मंगेश्वरन

माहपुर में आयोजित हुआ जैव उर्वरक जागरुकता शिविर

70 किसानों को मुफ्त बायोग्रो व बायो एनपीके वितरित

करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के माहपुर गांव में सोमवार को ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ अभियान के अंतर्गत जैव उर्वरक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक व टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना और मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने के उपायों से अवगत कराना रहा।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित एनबीएआईएम एवं आईसीएआर कुशमौर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वी. मंगेश्वरन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जैव उर्वरक खेती के लिए लाभकारी और सुरक्षित विकल्प हैं। इनके प्रयोग से जहां भूमि की गुणवत्ता बनी रहती है, वहीं फसल उत्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार होता है। उन्होंने रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला और किसानों को सूक्ष्मजीवी उर्वरकों को अपनाने की सलाह दी।

शिविर के दौरान 70 महिला व पुरुष किसानों को धान की बेहतर पैदावार के लिए संस्थान द्वारा विकसित ‘बायोग्रो’ और ‘बायो एनपीके’ की एक-एक फाइल निःशुल्क वितरित की गई। साथ ही विशेषज्ञों ने इन उत्पादों के सही उपयोग की प्रक्रिया विस्तार से समझाई, ताकि किसान इनका प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान जगदीश चौहान ने की, जबकि संचालन चंद्रपाल चौहान ने किया। इस मौके पर लालचंद चौहान, लीला देवी, हरिश्चंद्र यादव, चनरमी देवी, दुर्गविजय राजभर, कमलावती, मोहम्मद खां, बेचनी देवी, चंदन राव, बसंती देवी, रामप्रवेश चौहान समेत कई किसान मौजूद रहे।

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