जागरुकता कार्यक्रम में 48 किसानों को निःशुल्क प्रदान किया गया जैव उर्वरक
करहां (मऊ) : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत स्थित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो, कुशमौर-मऊ द्वारा 'मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के मंडूसरा खुर्द गांव में किसानों के लिए जैव उर्वरक पर आधारित जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उसमें 48 किसानों को निश्शुल्क जैव उर्वरक प्रदान कर प्रयोग की विधियां समझाई गई।
कार्यक्रम में आए आईसीएआर व एनबीएआईएम के वैज्ञानिक डा. ज्योतिप्रकाश सिंह ने किसानों को कृषि में लाभकारी सूक्ष्मजीवों के महत्व तथा मिट्टी के स्वास्थ्य और फसल उत्पादन में उनकी भूमिका के बारे में जागरुक किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने बताया कि मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्मजीव पोषक तत्वों के चक्रण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों को यह भी जानकारी दी गई कि लाभकारी सूक्ष्मजीव नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फास्फोरस को घुलनशील बनाने तथा पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है, इसलिए टिकाऊ कृषि के लिए सूक्ष्मजीवी जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में गांव के कुल 48 महिला-पुरुष किसानों ने भाग लिया। संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न सूक्ष्मजीवी जैव-उत्पादों बायोग्रो व बायो एनपीके की दो-दो इकाइयों का वितरण किसानों के बीच किया गया, ताकि वे इन तकनीकों को अपने खेतों में अपनाकर मिट्टी की उर्वरता और फसल उत्पादन में सुधार कर सकें। संचालन चंद्रपाल चौहान ने किया। इस अवसर पर किसान हरिमंगल, कैलाश, दयानन्द, बालचंद, देवनाथ, कलमू, छेदी, रामप्रसाद, ऊषा, भगवंती, किरन, सोनिया, रेनू, रीता, चिंता आदि उपस्थित थीं।





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