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देवलास में गूंजा शौर्य का जयघोष, चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा पहुंची

देवलास में गूंजा शौर्य का जयघोष, चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा पहुंची


मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रगौरव के प्रतीक महाराणा प्रताप की बहुप्रतीक्षित चेतक पर सवार भव्य कांस्य प्रतिमा देवलाश्रम, देवलास पहुंच गई। प्रतिमा के आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर और जयघोष के साथ मेवाड़ के महान योद्धा का स्वागत किया।

मुहम्मदाबाद गोहना विकास खंड के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक केंद्र देवलास में स्थापित होने वाली यह प्रतिमा महाराणा प्रताप सांस्कृतिक एवं सामाजिक नवचेतना संस्थान तथा सिसोदिया संघ के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है तथा डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्रथम अध्यक्ष रहे स्व. प्रहलाद सिंह का सपना है। खास बात यह रही कि यह प्रतिमा महाराणा प्रताप के तिथि अनुसार जयंती के अगले दिन तथा स्व. प्रहलाद सिंह की प्रथम पुण्यतिथि के दिन आई। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 26 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लोकार्पण के लिए आमंत्रित किए जाएंगे।

तमसा नदी पर जर्जर पुल के कारण भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध होने से प्रतिमा को आजमगढ़ से जीयनपुर, नदवासराय होते हुए वैकल्पिक मार्ग से देवलास लाया गया। सिकठिया-बारा, पूनापार, इटौरा, नदवासराय, सियाबस्ती, बरबोझी और देवलास में जगह-जगह ग्रामीणों ने प्रतिमा का अभिनंदन किया। लोगों के उत्साह और जयकारों से पूरा मार्ग गुंजायमान रहा।

संस्थान के संयुक्त सचिव चंद्रविजय सिंह ने बताया कि जीएसटी सहित प्रतिमा की लागत 27.05 लाख रुपये है। लगभग तीन टन (30 कुंतल) वजनी यह प्रतिमा कांस्य मिश्र धातु से निर्मित है, जिसमें तांबा 85 प्रतिशत, शीशा 5 प्रतिशत, टिन और जिंक 5 प्रतिशत का समावेश किया गया है। 12.5 फीट ऊंची प्रतिमा को भव्य चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा, जिसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।

उन्होंने बताया कि स्मारक परिसर में 78×32 फीट आकार का आधुनिक सभागार भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी छत का निर्माण पूरा हो चुका है। शीघ्र ही प्लास्टर, फर्श एवं रंग-रोगन का कार्य शुरू होगा। इस पूरे प्रकल्प में भदीड़ गांव निवासी आईपीएस अधिकारी अनिल सिंह सिसोदिया तथा ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स एवं जीएनआईओटी संस्थान के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह रोशन का विशेष योगदान रहा है।

उल्लेखनीय है कि देवलास स्थित महाराणा प्रताप स्मारक पर वर्ष 1984 में स्थापित प्रतिमा का लोकार्पण तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने किया था। समय के साथ पुरानी प्रतिमा जीर्ण होने के कारण अब उसके स्थान पर चेतक पर सवार महाराणा प्रताप की नई कांस्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों को शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी।

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