डिजिटल दुनियां में उद्देश्य के भटकाव से बचना जरुरी : रजनीश राय
करहां (मऊ) : आज का विद्यार्थी पढ़ाई, जानकारी और संवाद के लिए मोबाइल व इंटरनेट का उपयोग कर रहा है। डिजिटल माध्यमों ने सीखने के अवसरों को आसान बनाया है, लेकिन इसका दूसरा पक्ष भी है। कई बार किसी जरुरी काम के लिए मोबाइल खोलने वाला विद्यार्थी अनजाने में वीडियो, सोशल मीडिया या अन्य सामग्री में उलझ जाता है और उसे पता ही नहीं चलता कि उसका कीमती समय कब बीत गया। इसलिए डिजिटल साधनों का उपयोग सुविधा के साथ-साथ स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित करके किया जाना चाहिए।
विद्यार्थियों को यह समझना होगा कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर आकर्षक सामग्री उनके लिए उपयोगी नहीं होती। किसी परीक्षा, यात्रा, पढ़ाई या जानकारी के लिए मोबाइल चलाते समय पहले यह तय कर लेना चाहिए कि हमें क्या खोजना है और कितना समय देना है। बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन और पापअप ध्यान को भटकाते हैं। ऐसे में गैरजरुरी नोटिफिकेशन बंद रखना, पढ़ाई के समय मोबाइल को दूर रखना और निर्धारित समय के बाद स्क्रीन से दूरी बनाना उपयोगी आदतें हो सकती हैं।
विद्यालय और परिवार दोनों की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है। बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर करने के बजाय उन्हें उसके जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग का तरीका सिखाना अधिक प्रभावी होगा। अभिभावक और शिक्षक बच्चों से उनके डिजिटल व्यवहार पर संवाद करें तथा उन्हें लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहने के लिए प्रेरित करें। डिजिटल दुनियां ज्ञान का बड़ा माध्यम है, लेकिन उसका लाभ तभी मिलेगा, जब हम तकनीक का उपयोग अपने उद्देश्य के लिए करें, न कि तकनीक हमारे समय और ध्यान को अपने अनुसार संचालित करने लगे।
-रजनीश राय, प्रधानाचार्य
बी.एस.आर.के. इंटर कालेज, रामनगर मोड़, खालिसा, मऊ



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