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प्राचीन शिव मंदिर, देवरिया खुर्द-मऊ

प्राचीन शिव मंदिर, देवरिया खुर्द-मऊ

करहां (मऊ) : करहां क्षेत्र के देवरिया खुर्द गांव के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विराजमान महादेव को भक्त मनोरथ पूर्ण करने वाले जाग्रत देव के रूप में मानते हैं। गांव के प्रवेश द्वार पर शिव मंदिर के साथ ही अन्य कई देवालयों का समूह और आसपास का मनोहारी दृश्य श्रद्धालुओं को सहज ही आकर्षित करता है।

मंदिर का इतिहास : ग्रामीणों के अनुसार इस प्राचीन शिव मंदिर का इतिहास 303 वर्ष से भी अधिक पुराना है। गांव के शुरुआती निवासियों में शामिल स्व. बिरजू पांडेय ने इस मंदिर की स्थापना कराई थी। बताया जाता है कि उन्होंने एक ही कालखंड में मंदिर के साथ सामने स्थित पेड़, तालाब और उसकी सीढ़ियों का भी निर्माण कराया था। मंदिर का गर्भगृह तथा तालाब की पुरानी सीढ़ियां आज भी सुर्खी-चूने से बनी हुई हैं, जो मंदिर की प्राचीनता की गवाही देती हैं। हालांकि मंदिर का वर्तमान हाल वर्ष 1998 में बनवाया गया था। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को अत्यंत जाग्रत माना जाता है।

मंदिर की विशेषता : क्षेत्र के प्राचीन देवालयों में देवरिया खुर्द का यह शिवालय सबसे पुराना बताया जाता है। गांव के प्रवेश द्वार पर एक साथ कई देवालयों का समूह और सुंदर जलाशय का दृश्य श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर खींचता है। ग्रामीणों के मुताबिक आसपास के 42 गांवों में सबसे पहले देवरिया और सौसरवां गांव बसे थे। ऐसे में सबसे पहले बसे गांव का शिवालय भी काफी पुराना होने की बात कही जाती है। मान्यता है कि यहां नियमित साफ-सफाई के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ग्रामीणों द्वारा मंदिर से जुड़ी मनौतियां पूरी होने के कई प्रसंग भी बताए जाते हैं। समीपवर्ती गांव के श्रीधर पंडित को भी यहां की भक्ति का फल वंशवृद्धि के रूप में मिलने की बात कही जाती है।

•मंदिर का कोई स्थायी पुजारी नियुक्त नहीं है। इसलिए बीते 33 वर्षों से मैं नियमित रुप से विधि-विधान के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता आ रहा हूं। हालांकि गांव के अलावा आसपास के अन्य गांवों से भी लोग प्रतिदिन जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन के महीने में तो माताओं-बहनों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का यहां तांता लगा रहता है।

-रामअवध यादव, पूर्व प्रधान एवं पुजारी

•मैं प्रायः यहां भगवान शिव का पूजन करने आती हूं। हमारे गांव के जाग्रत महादेव भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाले हैं। जिसने भी सच्चे मन से यहां पूजा-अर्चना की, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी हुई। क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और नवनियुक्त शिक्षक रामनरेश यादव इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद इन लोगों ने मंदिर में दो बड़े घंटे भी लगवाए हैं।

-नीलम सिंह, बीडीसी सदस्य एवं शिवभक्त

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