प्रशासक के अधिकारों का पालन नहीं करा रहा जिला प्रशासन : प्रधान संगठन
•प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
•सचिवों पर मनमानी और निजी फर्म में भुगतान करने का लगाया आरोप
करहां (मऊ) : ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रुप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रधानों को नियमित कार्यों को जारी रखने और उनके भुगतान का अधिकार दिया गया है, जबकि नए कार्यों के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक है। प्रधान संगठन का आरोप है कि तीन माह बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशों का पालन नहीं कराया जा रहा है।
इस संबंध में बुधवार को प्रधान संगठन के प्रदेश प्रभारी रवींद्र राय की उपस्थिति तथा जिला प्रभारी काशीनाथ यादव के नेतृत्व में प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अपर मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले में गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कुछ ग्राम पंचायत सचिव प्रधानों को जानकारी दिए बिना मनमाने ढंग से पंचायत निधि की धनराशि अपनी निजी फर्मों में स्थानांतरित कर रहे हैं। इससे भविष्य में भुगतान की जिम्मेदारी प्रधानों पर भी आ सकती है। प्रधान संगठन ने ऐसे मामलों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया।
इसके बाद विकास भवन में बैठक आयोजित की गई। इसमें ब्लाक अध्यक्ष पंकज पांडेय की माता, जिला उपाध्यक्ष अमित कन्नौजिया के बड़े पिता तथा महासचिव रमेश यादव के भतीजे के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत की आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस अवसर पर जिला महासचिव बृजेश सिंह बागी, लल्लन यादव, सुरेंद्र राजभर, कमलेश यादव, ब्लाक अध्यक्ष डब्लू राजभर, नौशाद अहमद, संजय चौहान, राम प्रवेश राजभर, अमित भाटापारा, गोविंद राजभर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


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