पिताजी के जीवन दर्शन पर चलता है परिवार : दुर्गेश पांडेय
करहां (मऊ) : पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन के मार्गदर्शन होते हैं। मेरे पिता स्वर्गीय प्रेमभूषण पांडेय आज भले ही शारीरिक रुप से साथ नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार, मूल्य और शिक्षाएं आज भी मेरे विचारों और कर्मों का आधार हैं। उनका व्यवहार, व्यक्तित्व और जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण मेरे लिए आज भी प्रेरणा का स्त्रोत है।
पिताजी सादा जीवन उच्च विचार के समर्थक थे। उनके उच्च आदर्शो पर ही आज संपूर्ण परिवार चलकर पुष्पित व पल्लवित है। पितृपक्ष में उनकी पुण्यस्मृतियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ और उन सभी माता-पिता को नमन करता हूं, जो अपने बच्चों के जीवन में प्रकाशपुंज बनते हैं।
◆दुर्गेश पांडेय, सहायक अध्यापक, मुंशीपुरा, मऊ


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