अत्याचार बढ़ने पर भगवान लेते हैं अवतार : शुभम आचार्य
करहां (मऊ) : मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र के नगपुर-महमूदपुर में प्रवाहित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस का दृश्य श्रद्धा और भक्ति से आलोकित रहा। कथा व्यास आचार्य शुभम तिवारी के श्रीमुख से निकली अमृतवाणी ने श्रोताओं के हृदय में आस्था की नई ज्योति प्रज्वलित कर दी। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जब-जब अधर्म और अत्याचार अपनी सीमा लांघते हैं, जब संतों, गौ माता और धर्म का अपमान होता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की रक्षा और दुष्टों का विनाश करते हैं।
कथा के रससिक्त प्रवाह में ध्रुव वंश की गौरवगाथा, पुरंजनोपाख्यान, प्रियव्रत चरित्र और जड़भरत की कथा का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। प्रह्लाद प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्य ने बताया कि सच्चे भक्त की पुकार कभी व्यर्थ नहीं जाती, भगवान नृसिंह स्वरूप में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप जैसे अत्याचारी का अंत कर भक्त की रक्षा करते हैं। इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
आगे कथा में बलि-वामन संवाद, गजेंद्र मोक्ष और समुद्र मंथन जैसे दिव्य प्रसंगों का भी विस्तार से श्रवण कराया गया। चंद्रवंश और सूर्यवंश की कथाओं के माध्यम से धर्म, त्याग और आदर्श जीवन के मूल्य उजागर किए गए, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
इस पावन अवसर पर आचार्य विमल मिश्र, मुख्य यजमान रामपत सरोज एवं बसंती देवी सहित आशीष तिवारी, प्रभुनाथ राम, विनीत पांडेय, दारा कश्यप, प्रियव्रत शुक्ल, किशुन चौहान, बिजेंद्र श्रीवास्तव, रामनिवास सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे और भक्ति रस में सराबोर होकर कथा का आनंद लेते रहे।


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