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जब-जब बढ़ा अत्याचार तब प्रभु ने लिया अवतार : आचार्य शुभम

जब-जब बढ़ा अत्याचार तब प्रभु ने लिया अवतार : आचार्य शुभम

करहां (मऊ) : करहां परिक्षेत्र के नगपुर-महमूदपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य शुभम तिवारी ने विविध पौराणिक प्रसंगों का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भगवान के अवतार का कारण समझाया। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पापाचारियों के अत्याचार से बोझिल होती है तथा संतों, गौ और धर्म का अपमान होता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धरती का भार कम करते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं।

कथा के दौरान ध्रुवजी के वंश की गाथा, पुरंजनोपाख्यान, प्रियव्रत चरित्र एवं जड़भरत की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने प्रह्लाद प्रसंग के माध्यम से बताया कि जब सच्चे भक्त पूर्ण निष्ठा से भगवान को पुकारते हैं, तो भगवान नृसिंह स्वरूप में प्रकट होकर हिरण्यकश्यप जैसे पापियों का अंत कर भक्त की रक्षा करते हैं। कथा में बलि-वामन संवाद, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन के साथ चंद्रवंश एवं सूर्यवंश की कथाओं का भी श्रवण कराया गया। 

इस अवसर पर आचार्य विमल मिश्र, मुख्य यजमान रामपत सरोज व बसंती देवी, आशीष तिवारी, प्रभुनाथ राम, विनीत पांडेय, दारा कश्यप, प्रियव्रत शुक्ल, किशुन चौहान, बिजेंद्र श्रीवास्तव, रामनिवास आदि दर्जनों स्त्री-पुरुष श्रद्धालुभक्त उपस्थित थे।

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